गर्भपात को रोकने के लिए हमें क्या करना चाहिए?

“गर्भपात (miscarriage meaning in hindi) को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता| मगर आपके लिए ज़रूरी है की आप एक स्वास्थ्य जीवन शैली (lifestyle) अपनाये| समय पर पौष्टिक खाना, अच्छा रहन-सहन, अपने गर्भ की नियमित रूप से जांच, आदि चीज़ो पर ध्यान दें| ऐसे में आप और आपका अजात शिशु न ही सिर्फ गर्भपात से बचेंगे बल्कि एकदम स्वस्थ्य भी रहेंगे|”
“गर्भपात हमारे हाथ में नहीं है| एक स्वास्थ्य जीवन शैली अपनाने के बाद भी गर्भपात की आशंका रहती है| लेकिन बहुत परिस्थितिओं  में महिला अपने आप को दोषी मान ने लगती है| मगर ऐसा बिलकुल नहीं है| 50% अवस्थाओं में भ्रूण के गुणसूत्रों (fetal chromosome) में समस्या ही भ्रूण के विकास में विपदा खड़ी करती है, जिस से आगे जाकर गर्भपात का खतरा बढ़ता है| गर्भपात के उपरान्त ज़रूरी है की माँ को समझाया जाए की यह एक प्रक्रिया है और इसमें उनकी कोई गलती नहीं| ” ऐसा कहना है डॉ पायल का|
इन सब बातों को सुनकर रीना निश्चिन्त हुई और अपने गर्भ की जांच कराई जिसका परिणाम पॉजिटिव आया और पता चला की रीना का गर्भ पूरी तरह सामान्य (normal) है| यह सुनकर रीना और राजीव निश्चिन्त हुए और चैन की सांस ली|